गुण मिलान उत्तर भारत में विवाह से पहले कुंडली मिलाने की सबसे प्रचलित विधि है। इसमें वर और वधू की जन्म कुंडली में चंद्रमा की स्थिति (नक्षत्र और राशि) के आधार पर आठ कूटों में कुल 36 अंक दिए जाते हैं।
आठ कूट और उनके अधिकतम अंक: वर्ण (1), वश्य (2), तारा (3), योनि (4), ग्रह मैत्री (5), गण (6), भकूट (7) और नाड़ी (8)। सबसे ज़्यादा अंक नाड़ी को मिलते हैं, क्योंकि इसे स्वास्थ्य और संतान से जोड़ा जाता है।
आमतौर पर 18 से कम अंक को कमज़ोर, 18 से 24 को मध्यम, 25 से 32 को अच्छा और 33 से ऊपर को उत्तम माना जाता है। लेकिन केवल अंकों पर निर्भर न रहें — मंगल दोष, दशा और ग्रहों की समग्र स्थिति भी देखी जाती है।
आचमन ऐप में आप दोनों की जन्म जानकारी डालकर 36 गुण मिलान मुफ़्त देख सकते हैं। निर्णय से पहले किसी अनुभवी पंडित से कुंडली का पूरा विश्लेषण करवाना बेहतर रहता है।
लेखक: Achman Team · अपडेट: