गृह प्रवेश पूजा के लिए पंडित जी बुक करें
गृह प्रवेश पूजा नए घर में पहली बार विधि से प्रवेश करने का संस्कार है, जिसमें गणेश पूजन, वास्तु पूजा, कलश स्थापना और हवन से घर को शुद्ध और मंगलमय किया जाता है। परिवार इसे इसलिए कराते हैं ताकि नए घर में जीवन की शुरुआत सुख, शांति और समृद्धि की कामना के साथ हो। बहुत से परिवार उसी दिन सत्यनारायण कथा भी कराते हैं।
गृह प्रवेश पूजा में क्या-क्या होता है
- शुभ मुहूर्त में मंगल कलश लेकर घर में प्रवेश
- संकल्प और गणेश पूजन
- कलश स्थापना और नवग्रह पूजन
- वास्तु पूजा और वास्तु शांति
- हवन और पूर्णाहुति
- नई रसोई में दूध उबालने की रस्म
- आरती और प्रसाद
कब करवाएं — मुहूर्त
गृह प्रवेश हमेशा शुभ मुहूर्त में किया जाता है, जिसमें तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न देखे जाते हैं। आम तौर पर माघ, फाल्गुन, वैशाख और ज्येष्ठ के महीने अच्छे माने जाते हैं, जबकि खरमास और चातुर्मास में गृह प्रवेश टाला जाता है। सही तारीख और समय अपने पंडित जी से निकलवाएँ।
आम तौर पर लगने वाली सामग्री
- तांबे या पीतल का कलश, नारियल और आम के पत्ते
- गणेश जी और लक्ष्मी जी की मूर्ति या तस्वीर
- रोली, हल्दी, चंदन, अक्षत और मौली
- सुपारी, पान के पत्ते, लौंग और इलायची
- हवन कुंड, आम की लकड़ी और हवन सामग्री
- घी, कपूर, धूप और दीपक
- फूल, फूलमाला और दूर्वा
- पंचमेवा, फल और मिठाई
- गंगाजल
- दूध और उसे उबालने के लिए नया बर्तन
- चौकी और पीला या लाल कपड़ा
- दरवाज़े के लिए आम या अशोक के पत्तों का तोरण
सही और पूरी सूची पंडित जी बुकिंग के समय ऐप में देते हैं — परिवार और क्षेत्र की परंपरा के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है।
आचमन पर बुक कैसे करें
- ऐप डाउनलोड करें और पूजा चुनें
- पंडित जी की प्रोफ़ाइल, अनुभव और भाषा देखें
- तारीख़ और समय तय करें, सामग्री की सूची पाएं
- ऐप में सुरक्षित भुगतान करें — रसीद ऐप में
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
गृह प्रवेश पूजा में कितना समय लगता है?
गणेश पूजन, वास्तु पूजा और हवन के साथ गृह प्रवेश पूजा में आम तौर पर 2 से 3 घंटे लगते हैं। अगर उसी दिन सत्यनारायण कथा भी हो, तो 1 से 2 घंटे और जोड़कर चलें।
क्या बिना मुहूर्त के गृह प्रवेश कर सकते हैं?
परंपरा में गृह प्रवेश को मुहूर्त देखकर करना ही अच्छा माना जाता है। अगर किसी मजबूरी में तुरंत रहना पड़े, तो कई परिवार साधारण पूजा करके रहना शुरू करते हैं और बाद में शुभ मुहूर्त में विधिवत गृह प्रवेश पूजा कराते हैं।
क्या किराए के घर में गृह प्रवेश पूजा करनी चाहिए?
किराए के घर में पूरी गृह प्रवेश पूजा ज़रूरी नहीं मानी जाती, पर बहुत से परिवार शिफ़्ट होने से पहले गणेश पूजन, वास्तु शांति या छोटा हवन कराते हैं। पूजा कितनी विस्तृत हो, यह अपनी श्रद्धा और परिवार की परंपरा से तय करें।
क्या पंडित जी पूजा की सामग्री लाते हैं?
यह बुकिंग पर निर्भर करता है, कुछ सामग्री पंडित जी लाते हैं और कुछ परिवार को जुटानी होती है। आचमन पर बुकिंग के समय सामग्री की लिस्ट साझा की जाती है, ताकि आप पहले से तैयारी कर सकें।
गृह प्रवेश पूजा के लिए पंडित जी आज ही बुक करें
सत्यापित पंडित जी, सामग्री की सूची और ऐप में सुरक्षित भुगतान।