सबसे पहले शुभ मुहूर्त तय करें। नए घर की कुंडली, परिवार के सदस्यों की राशि और पंचांग देखकर पंडित जी तिथि और समय बताते हैं। मुहूर्त से कम से कम एक-दो हफ़्ते पहले पंडित जी को बुक कर लें।
घर पूरी तरह साफ़ हो और मुख्य द्वार पर तोरण व रंगोली तैयार हो। पूजा स्थल पर चौकी, कलश, आम के पत्ते, नारियल, रोली, अक्षत, फूल, धूप-दीप, पंचामृत और हवन सामग्री रखनी होती है। पूरी सूची पंडित जी से पहले ही ले लें।
परंपरा के अनुसार गृह स्वामी और परिवार शुभ समय पर दाहिना पैर आगे रखकर प्रवेश करते हैं। दूध उबालना भी प्रवेश की एक पुरानी रीत है।
बुकिंग के समय पंडित जी से यह भी तय कर लें कि सामग्री कौन लाएगा, पूजा में कितना समय लगेगा और कितने लोग उपस्थित होंगे।
लेखक: Achman Team · अपडेट: